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मकर राशि में पंचग्रही युति से राजनीतिक उठापटक मचेगीः आचार्य शर्मा
इंदौर. मकर संक्रांति, देवताओं का प्रभात काल है. दिन तिल-तिल बढ़ेंगे, रातें छोटी होगीे और सूर्य उत्तरायण होंगें. पुण्यकाल पूरे दिनभर रहेगा. इस दिन स्नान दान का महत्व है. इस बार मकर राशि में पंचग्रही युति होगी. प्राकृतिक आपदा से जनजीवन अस्तव्यस्त होगा. राजनीतिक उठापटक मचेगी.
यह बात मध्यप्रदेश ज्योतिष एवं विद्वत परिषद अध्यक्ष आचार्य पं. रामचन्द्र शर्मा वैदिक ने कही. उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि संक्रांति से आशय सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन. धनु राशि से मकर राशि में सूर्य का प्रवेश अंधकार से प्रकाश की ओर हुआ परिवर्तन है, जो मकर संक्रांति के नाम से प्रसिद्ध है. यह देवताओं का प्रभातकाल कहलाता है. इस वर्ष मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को पूरे देश मे पारम्परिक रूप से मनेगा. गुरुवार को प्रातः 8.15 बजे सूर्य का धनु से मकर राशि प्रवेश श्रवण नक्षत्र, वज्र योग, बव करण व मकर राशि के चन्द्रमा में होगा. संक्रांति का पुण्यकाल पूरे दिनभर रहेगा. श्रवण नक्षत्र की उपस्थिति ध्वज योग निर्मित कर रही है जो देश दुनिया में भारत का गौरव व मान बढ़ाएगी. प्रधानमंत्री का युवकों में क्रेज बढ़ेगा.
पांच ग्रहों की युति शुभ नहीं
14 जनवरी को मकर राशि में सूर्य, चन्द्र, बुध, गुरु व शनि की पंचग्रही युति भी निर्मित हो रही है, जो आगे जाकर गोल योग निर्मित करेगी. यह युति देश दुनिया के लिए शुभ नहीं है. यह भय, रोग,प्राकृतिक आपदा, राजनीतिक उथल पुथल, मंहगाई व बेरोजगारी आदि बढ़ाने वाली होगी. आचार्य शर्मा वैदिक ने बताया कि इस वर्ष संक्रांति सिंह पर सवार होकर आ रही है. पिछले वर्ष गर्दभ (गधे) पर सवार हो आयी थी व आने वाले 2022 में व्याघ्र पर सवार हो आएगी.
प्राकृतिक आपदाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त होगा
उन्होंने बताया कि सामान्यतः संक्रांति से भी राष्ट्र का भविष्य टटोला जाता है. फलस्वरूप प्राकृतिक आपदाओं से जनजीवन अस्त व्यस्त होगा, राजनैतिक घटनाक्रम तेज होंगे. खरीद फरोख्त की राजनीति भी तेज होगी, सरकार कठोर व अप्रिय निर्णय भी ले सकती है व सरकार का रवैया आक्रामक हो सकता है. युवकों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का क्रेज बढ़ेगा तथा वे अन्तर्राष्ट्रीय जगत में धूमकेतु की तरह उभरेंगे. देश की अर्थव्यवथा में धीरे-धीरे ही सुधार हो सकेगा. धर्म की राजनीति तेज होगी. वैष्विक महामारी कोरोना की वैक्सीन देशवासियों के लिए वरदान सिद्ध हो सकती है.


